Edited By Niyati Bhandari,Updated: 30 Sep, 2022 09:11 AM
अश्विन महीने के पूर्णिमा के दिन समुद्र मंथन के दौरान महालक्ष्मी जी प्रगट हुई थीं। इसी वजह से शरद पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। इस दिन और रात
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Sharad Purnima 2022: अश्विन महीने के पूर्णिमा के दिन समुद्र मंथन के दौरान महालक्ष्मी जी प्रगट हुई थीं। इसी वजह से शरद पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। इस दिन और रात भर महालक्ष्मी का ध्यान और पूजा-अर्चना करने वाले भक्त को लक्ष्मी जी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
नारद पुराण के अनुसार इस दिन रात के समय मां लक्ष्मी भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देती है। लक्ष्मी मां अपने हाथों में वर और अभय लिए घूमती हैं। इस दिन मां लक्ष्मी अपने जागते हुए भक्तों को धन और वैभव का आशीष देती हैं। शाम होने पर सोने, चांदी या मिट्टी के दीपक से आरती की जाती है।
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Do not do these work on Sharad Purnima शरद पूर्णिमा पर न करें ये काम माता लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज: धन-धान्य की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए कुछ ऐसे काम हैं, जो हमें शरद पूर्णिमा पर बिल्कुल नहीं करने चाहिए।
शरद पूर्णिमा के दिन भूलकर भी धन का लेन-देन नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन दिया गया धन वापिस लौटकर मुश्किल से आता है। इस दिन कर्ज देने से माता लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और रिश्तों में भी कड़वाहट आ जाती है।
शरद पूर्णिमा का दिन माता लक्ष्मी की पूजा का दिन होता है। इस दिन भूलकर भी तामसिक भोजन खासतौर पर मांस-मदिरा का सेवन करने से बचना चाहिए।
शरद पूर्णिमा के दिन अगर कोई सुहागन महिला घर पर आए तो उसको खाली हाथ नहीं लौटाना चाहिए। सुहागन स्त्री का सत्कार करें और दान देकर ही घर से विदा करें। ऐसा करने से माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी का ध्यान करना चाहिए। इस दिन वाणी पर संयम रखना चाहिए और घर में सुख-शांति का वास रखना चाहिए।
गुरमीत बेदी
9418033344
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